
फिल्म समीक्षक जितनी जोर से कह रहे हैं कि निर्देशक राम गोपाल वर्मा की 'फूंक' बुरी फिल्म है, रामू उतने जोर से फिल्म को दर्शकों की स्वीकृति मिलने का दावा कर रहे हैं। टे्रड विशेषज्ञ जब आंकड़े लहरा-लहरा कर कह रहे हैं कि रामू की फिल्म के कलेक्शन पहले ही दिन दो शो बाद औंधे मुंह गिरे, रामू उतने ही दमखम से कह रहे हैं कि उनकी 3 करोड़ की लागत वाली फिल्म ने पहले 3 दिनों में ही 5 करोड़ रुपये कमा लिए। कोई कुछ भी कहे, रामू ने फिल्म की सफलता की जोरदार पार्टी मुंबई में दे डाली है। वे बहुत खुश हैं कि आखिरकार टिकट खिडक़ी के गणित को उन्होंने अंगूठा दिखा दिया है। रामू अपनी हाजिर जवाबी और चुटीले जवाब देने के लिए शुरू से इंडस्ट्री में विख्यात हैं। 'फूंक' के बारे में पूछे जा रहे सवालों पर भी वे अपने अंदाज में बातें कर रहे हैं।इसी चुटीले अंदाज में रामू ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर परदे पर स्टार क्या चीज होती है? जवाब है, कुछ नहीं। यदि कहानी में दम है और आपमें दर्शकों को आकर्षित करने का माद्दा, तो स्टार भले ही कौवा क्यों न हो, फिल्म देखने के लिए लोग पहुंचते हैं। रामू की मानें, तो 500 रुपये प्रति शिफ्ट में लाया जाने वाला कौवा उनकी 'फूंक' का हीरो है। असल में रामू ने यह बात तब कही, जब उनसे फिल्म की रिलीज से पहले पूछा गया था कि आखिर मल्लिका शेरावत की 'मान गए मुगल-ए-आजम' का मुकाबला वे कैसे करेंगे? उनकी फिल्म में तो कोई स्टार नहीं है? तब रामू का जवाब था, 'मेरी फिल्म में कौवा है।' वाकई रामू के कौवे ने मल्लिका को काट खाया है! मल्लिका की फिल्म पानी भी नहीं मांग पाई। अब मल्लिका का इस डायरेक्टर से चिढ़ जाना स्वाभाविक है। वैसे मल्लिका काफी दिनों से रामू से खार खाए हैं। अपनी 'कॉन्टे्रक्ट' में रामू ने एक पुलिस वाला दिखाया था, जो मल्लिका की तस्वीर के सामने 'आपत्तिजनक और उत्तेजक' बातें करता है। मल्लिका का तर्क है कि उनके नाम को इस तरह इस्तेमाल करके रामू ने खराब किया। मल्लिका रामू को कोर्ट का नोटिस भेजने वाली थीं। परंतु जाने क्या सोच कर उन्होंने ऐसा नहीं किया। क्या वह सिर्फ मल्लिका का पब्लिसिटी स्टंट था?हालांकि पब्लिसिटी के दांव-पेंच चलने में रामू भी कुछ कम नहीं। उन्होंने कहा था कि जो उनकी फिल्म को सिनेमाघर के अंधेरे में अकेले बैठ कर देख लेगा, उसे 5 लाख का इनाम मिला। इस प्रतियोगिता के लिए चुन गए 5 लोगों को रामू और उनके प्रोड्यूसर ने पूरा हॉल खुद बुक करके अपना दमखम साबित करने को कहा। अब कोई क्यों खुद हॉल बुक कराता? रामू आखिरी वक्त पर गच्चा दे गए और प्रोड्यूसर के साथ मिल कर 5 लाख दबा गए। अब 'फूंक' के सीक्वल की बातें भी हो रही हैं। रामू तो इनकार कर रहे हैं। परंतु उनके प्रोड्यूसर ने अखबारों में सीक्वल का विज्ञापन दिया है और कहा है कि जो भी रामू को सीक्वल का सही आइडिये देगा... उसे 10 लाख रुपये का ईनाम मिलेगा। जब 5 लाख में बेईमानी हो गई, तो 10 लाख की क्या गारंटी? साहब, ये है फिल्मी चक्कर...!!


